Wednesday, December 27, 2006

Orgasm

ऐक छोटा सा पल था, 
मै कूछ समझ सकू ऊस से पहले वो समय की आग मे भसम हो गया। 
जो याद रहा वोह थी तुमाहरी आवाज, 
जो टुटे हुये तारे की तरह कान मे अायी। 

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